रामगिरी महाराज के खिलाफ अबाबील इमेल तकरार मुहीम


*अबाबिल ईमेल तक्रार मुहिम*
*एक ईमेल नबी की शान में*
🫵 गुस्ताख-ए-रसूल *रामगिरी महाराज* 🤬
के खीलाफ अबाबिल ईमेल तक्रार मुहिम।
- वेबसाईट पर जाने के बाद लिंक क्लिक करे और नाम, पत्ता, मोबाईल नंबर डाल कर भेज दे
👇👇👇👇👇👇

CLICK HERE TO SEND EMAIL TAKRAR





अस्सलामु अलैकुम!

    मुसलमानों के जज़्बात, उनकी इज़्ज़त, और उनके रसूल-ए-पाक (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की शान को बचाने के लिए आज हम एक नाज़ुक मोड़ पर खड़े हैं। पिछले दिनों अहमदनगर के एक ख़बीस, गुस्ताख-ए-रसूल ने हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम और हमारी अम्मा हज़रत आयशा रज़ियल्लाहु अन्हा की शान में नासिक ज़िले में गुस्ताख़ी की, जो किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती।  

    इस दर्दनाक घटना ने हर मुसलमान के दिल को चोट पहुंचाई है। हमारे आका (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की नामूस के लिए हमारी जान, माल, औलाद, और मां-बाप तक कुर्बान हैं। इसलिए, इस्लाम की हिफाज़त के लिए एक ज़रूरी कदम उठाते हुए, हमने संविधान के दायरे में एक विशेष मुहिम की शुरुआत की है। इस मुहिम का नाम है: अबाबील ईमेल तकरार।

क्या है अबाबील ईमेल तकरार?

    अबाबील ईमेल तकरार एक डिजिटल मुहिम है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही है। इसका मकसद है कि हम अपने संविधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करके इस तरह की घिनौनी हरकतों के खिलाफ़ आवाज उठाएं।     

    आजकल जब हमारे खिलाफ कानूनों का दुरुपयोग हो रहा है, तो हमें भी उन्हीं नियमों का पालन करते हुए सही तरीके से इन्हें जवाब देना होगा। हमारे खिलाफ़ अक्सर यूएपीए, देशद्रोह, और राजद्रोह जैसे कानून लगाए जाते हैं, तो क्यों न हम भी इन्हीं कानूनों को इन ख़बीसों के खिलाफ़ इस्तेमाल करें?

मुहिम का तरीका:

    इस मुहिम में हिस्सा लेना बेहद आसान है। आपको एक लिंक दी जाएगी, जिस पर क्लिक करके आप सीधे एक ईमेल टेम्पलेट पर पहुंचेंगे। इस टेम्पलेट में पहले से ही पूरी शिकायत लिखी हुई होगी। आपको सिर्फ अर्ज़दार के स्थान पर अपना नाम, पता, और मोबाइल नंबर लिखना है, और इसे सेंड कर देना है।

क्यों है यह जरूरी?

    जब मुसलमानों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ होता है, तो अक्सर हमारी आवाज़ें दबा दी जाती हैं। इस मुहिम का उद्देश्य है कि लाखों की तादाद में यह शिकायतें दर्ज हों, ताकि हमारी मांगें पूरी हो सकें। यह लड़ाई सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं है, बल्कि हर मुसलमान की है। 

    इस मुहिम में भाग लेकर, हम न सिर्फ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं बल्कि अपने रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की शान की हिफाज़त भी कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में कोई डाटा गलत इस्तेमाल नहीं होगा, क्योंकि शिकायत सीधे सरकारी महकमों को भेजी जा रही है।

निष्कर्ष:

    हमारा संविधान हमें हक़ देता है कि हम अपनी आवाज़ को उठाएं, और इस मुहिम का उद्देश्य वही है। *अबाबील ईमेल तकरार* के जरिए हम इस बात का एहसास दिला सकते हैं कि मुसलमान अपने रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की इज़्ज़त की हिफाज़त के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं, बशर्ते कि हम संविधान और कानून के दायरे में रहें। 


    हमारे लिए यह अनिवार्य है कि हम इस मुहिम में हिस्सा लें और इसे दूसरों तक भी पहुंचाएं। याद रखें, यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम हर वह कदम उठाएं, जिससे इस्लाम की शान में कमी न आए।  


अल्लाह हमारी कोशिशों को कुबूल फरमाए, आमीन।

👇👇👇👇👇👇

CLICK HERE TO SEND EMAIL TAKRAR

हमारे साथ आगे भी इसी तरह काम करने के लिए व्हाट्सअप ग्रुप में जुडने केलिए 
https://chat.whatsapp.com/E4BiSKD2nK917gnAWrlkqC 

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

पिंपरी चिंचवडमधील धार्मिक स्थळांवर नोटीसांचा मारा —केवळ धर्मस्थळेच बेकायदेशीर? 🏗️❌🕌

⚖️ एक लढा – शांततेसाठी! 🔱